
गुलाब कोठारीभारतवर्ष एक पुरातन, बहुभाषी और सांस्कृतिक विभिन्नता वाला राष्ट्र है। यहां लोकतंत्र भी अखण्डता, एकता और सम्प्रभुता के चिन्तन पर आधारित है। देश के बंटवारे के साथ हिन्दू-मुस्लिम एक विरोधाभासी सम्प्रदाय के रूप में उभरने लगे। राजनेताओं ने इस विचारधारा को खूब हवा दी। गंगा-जमुनी संस्कृति को आमने-सामने खड़ा कर दिया।देश टूटने लगा और नफरत की बढ़ती आग में नेता रोटियां सेकने लगे। जब इससे भी पेट नहीं भरा, तब अल्पसंख्यक शब्द का अविष्कार कर डाला।...